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देश के कई शहरों में भूकंप के तेज झटके, लोगों में दहशत; जानिए- आखिर क्‍या है वजह
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भूकंप के तेज झटकों से शनिवार को देश के कई राज्‍यों के लोग हिल गए। ये भूकंप के झटके हिमाचल प्रदेश सोनीपत और महाराष्‍ट्र में महसूस किए गए हैं।

भूकंप के तेज झटकों से शनिवार को देश के कई राज्‍यों के लोग हिल गए। ये भूकंप के झटके हिमाचल प्रदेश, सोनीपत और महाराष्‍ट्र में महसूस किए गए हैं। बता दें कि आज सुबह तड़के सबसे पहले हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया, इसके बाद दिल्‍ली से सटे सोनीपत और फिर महाराष्‍ट्र में लोगों को भूकंप झटकों ने दहशत में डाल दिया। अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भारत मौसम विभाग (India Meteorological Department) के मुताबिक, भूकंप के झटके स्थानीय समय अनुसार सुबह 4.24 बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश का पूर्वी कामेंग में था। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के सोनीपत जिले में शनिवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह 7 बजकर 43 मिनट और 30 सेकंड पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इसकी तीव्रता 3.2 आंकी गई है। भूकंप का केंद्र सोनीपत से 5 किलोमीटर दूरी पर बताया गया है। फिलहाल किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है। महाराष्ट्र के पालघर में आज सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गये। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है। बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर में इस साल 2019 में कई बार भूकंप आ चुके हैं। 20 फरवरी को भी पालघर में एक दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। वहीं उत्तर भारत के कई शहरों में भी इसी दिन सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.0 थी।

भयानक बाढ़ का सामना कर रहे असम में शुक्रवार को दोपहर दो बजकर 51 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ये झटके दूसरे पूर्वोत्‍तर के दूसरे राज्‍यों में भी महसूस किए गए। रिक्‍टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.9 नौ मापी गई। भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग में था। फिलहाल, भूकंप से किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।

 

धरती की ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिल कर बनी है। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं, वहां पर भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है।

- भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।

- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।

- अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।

- वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।

 

- भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।

 

- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं