राष्ट्रीय
भारत के 11 स्थान, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ से परेशान लोग
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हालांकि मानसून इस बार देरी से आया है, लेकिन कई जगह आया ही नहीं है।

भारत के विभिन्न स्थानों के मौसम में इस बार काफी अंतर देखा जा रहा है। कहीं इतनी अधित बारिश हो गई है कि बाढ़ आ गई है। तो कहीं लोग सूखे से परेशान हैं और बारिश के इंतजार में बैठे हैं। इस वक्त भारत में कई स्थान ऐसे हैं, जहां लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल पा रहा है। जमीन का पानी सूखता जा रहा है। हालांकि मानसून इस बार देरी से आया है, लेकिन कई जगह आया ही नहीं है। चलिए बात करते हैं इन 11 जगहों के बारे में जहां जलवायु परिवर्तन का साफ असर देखा जा सकता है। उत्तरपूर्वी राज्य असम में बीते कई दिनों से जारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है। इससे हजारों लोग प्रभावित हैं। राज्य के आठ जिलों के 145 गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि बाढ़ से करीब 63 हजार लोग प्रभावित हैं।तेलंगाना में मानसून तो आ गया है लेकिन कई शहर ऐसे भी हैं जहां अभी तक बारिश ही नहीं हुई है। यहां के कई शहरों को जल्द ही पीने के पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा। राजधानी हैदराबाद अगस्त के आखिर तक अपने पीने का सारा पानी खो देगा। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बारिश के बावजूद भी जलाशय स्वच्छ पानी ग्रहण नहीं कर रहे हैं।   नेपाल की सीमा से लगे उत्तरी बिहार के छह जिलों को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित घोषित कर दिया है। खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों की संख्या पांच से छह बताई जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों से मरीजों को इलाज के लिए नाव की सहायता से अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है।

बीते कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण कई उत्तरपूर्वी राज्य बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इनमें नागालैंड के अलावा मेघालय, असम का नाम शामिल है। आने वाले हफ्ते में भी इन राज्यों में तेज बारिश होने के आसार बने हुए हैं। महाराष्ट्र के नागपुर में किसान मानसून के ना आने से परेशान हैं। यहां किसानों को बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सूखे के कारण फसल के भारी नुकसान की संभावना है।

केवल चेन्नई ही ऐसा शहर नहीं है जो जल संकट का सामना कर रहा है। बल्कि कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू भी कुछ ऐसी ही समस्या से जूझ रहा है। बंगलूरू में भी जल संकट का कारण औसत से कम मानसून है। इस साल कर्नाटक में 30 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। और इसका असर भी अब दिखना शुरू हो गया है।