अन्तरराष्ट्रीय
मलेशिया में पांच हजार कछुओं और ड्रग्स के साथ पकड़े गए भारतीय
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दो भारतीयों के पास से इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ है कि अगर उन पर 'ड्रग-कूरियर' होने का आरोप सिद्ध हो जाता है तो उन्हें मृत्युदंड भी मिल सकता है.

क्वालालंपर हवाईहड्डे पर अपने सामान में 5,255 कछुए और 14 किलोग्राम से भी ज्यादा ड्रग्स ले जा रहे चार भारतीयों को मलेशियाई प्रशासन ने गिरफ्तार किया है. कस्टम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जुर्कुलनैन मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उनके एजेंटों ने पांच हजार से भी अधिक रेड-ईयर स्लाइडर प्रजाति के कछुओं के बच्चे बरामद किए. इन्हें उन दो भारतीय यात्रियों ने छोटी टोकरी में रखा था, जो कुछ दिन पहले एयरएशिया की फ्लाइट लेकर गुआंगजू, चीन से मलेशिया पहुंचे थे. उन लोगों के पास कछुओं के बारे में कोई परमिट या कागजात नहीं थे और उन्होंने जांचकर्ताओं से बताया कि वे इन कछुओं को पालतू जानवर के रूप में बेचने के लिए भारत ले जा रहे थे. इन टेरापिन कछुओं की कीमत तकरीबन 12,700 डॉलर के आसपास लगाई जा रही है. 30 और 42 साल के इन दो व्यक्तियों पर आरोप तय किए जाएंगे और दोषी सिद्ध होने पर जुर्माने के अलावा इन्हें पांच साल तक की जेल हो सकती है. रेड-ईयर स्लाइडर प्रजाति के कछुओं की दुनिया भर में खूब तस्करी होती है. इन्हें लोग पालतू पशु के रूप में रखते हैं तो कहीं कहीं इसका मांस भी खाया जाता है. इन्हें कहीं भी ले जाने के लिए परमिट की जरूरत होती है क्योंकि छोटे कछुओं में कभी कभी सालमोनेला नामक बैक्टीरिया मिलता है जो बीमारियां पैदा कर सकता है. इसके अलावा दो और भारतीयों को भी पकड़ा गया जो कई किलो ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे. कस्टम अधिकारी यूसुफ ने बताया कि इन दो लोगों के पास से 14.34 किलो मेथएम्फेटामीन नाम का ड्रग्स बरामद हुआ जिसकी कीमत 1.74 लाख डॉलर के आसपास होगी. उन्होंने हाथ में पकड़े बैगों की छिपी हुई जेबों में ये ड्रग्स रखा था. एक व्यक्ति कुछ दिन पहले हैदराबाद से विमान लेकर मलेशिया पहुंचा था जबकि दूसरा बेंगलूरू से आया था. दोनों पुरुषों की उम्र 30 साल बताई गई है और संदेह है कि ये 'ड्रग-म्यूल' या ड्रग-कूरियर हैं. ऐसे लोग जो अपने सामान या शरीर में ही ड्रग्स छुपाकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करते हैं. अगर इन भारतीयों पर यह आरोप सिद्ध हो गए तो इन्हें मृत्युदंड मिल सकता है.