समाचार ब्यूरो
लोग नशे जैसी कुरितियों को छोडक़र बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करे : सत्यदेव आर्य
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चंडीगढ़ राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने समाज के लोगों का आहवान किया कि वे नशे जैसी कु रितियों को छोडक़र अपने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करें। शिक्षा जीवन की एक ऐसी चाबी है जिससे जीवन की किसी भी समस्या का हल किया जा सकता है। आर्य आज सिरसगढ़ में भगवान वाल्मीकि शिक्षा प्रचार समिति द्वारा आयोजित छठे स्थापना दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने डा. भीमराव अम्बेडकर छात्रावास का शिलान्यास किया वहीं भगवान वाल्मीकि आश्रम व वाल्मीकि चैपाल का उदघाटन भी किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों ने भगवान वाल्मीकि, डॉ. भीमराव अम्बेडकर व गुरू रविदास जी के चित्रों के समक्ष पुष्प अर्पित व दीपशिखा प्रज्वलित करके किया। उन्होने छात्रावास के निर्माण के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 15 लाख रूपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षा एवं मुलाना विधायिका संतोष चैहान सारवान ने मुख्य अतिथि को पगड़ी व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने मुख्य अतिथि को शाल तथा प्रचार समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर उनका भव्य अभिनंदन किया। राज्यमंत्री कृष्ण बेदी व कार्यक्रम की अध्यक्षा विधायिका संतोष चौहान ने भगवान वाल्मीकि शिक्षा प्रचार समिति की ओर से एक मांगपत्र भी राज्यपाल को सौंपा। आर्य ने कहा कि भगवान वाल्मीकि शिक्षा प्रचार समिति द्वारा ग्रामीण आंचल में बच्चों
को शिक्षित करके व सामाजिक कार्यों में अग्रणीय भूमिका निभाने की सराहना करते हुए कहा कि नशे जैसी कुरितियों को छोडक़र हम आर्थिक तौर पर भी मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को शिक्षित करके जीवन में आगे बढऩे के लिए उन्हें प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में कुरीतियां उत्पन्न हुई हैं उनको खत्म करने के लिए महापुरूषों ने भी अवतार लिया है। आदि कवि वाल्मीकि ने रामायण की रचना करके भगवान रामचंद्र की महिमा को उज्जागर उन्हें पुरूषोतम पुरूष बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने दो वर्ष 11 महीने 28 दिन की कडी मेहनत करके संविधान की रचना करके समाज में एकता का प्रचार दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान है तथा हमें बाबा साहब के मूलमंत्र शिक्षित बनो संगठित रहो व संघर्ष करो को जीवन में धारण करते हुए आगे बढऩा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की तरक्की के लिए अनेकों योजनाएं चलाई हैं। हर वर्ग के कल्याण के लिए क्रियान्वित योजनाओं का लाभ देने का काम योग्य पात्रों को दिया जा रहा है। उन्होने संस्था के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि आगामी वर्ष में भी वह छात्रावास की गतिविधियों के लिए जो भी सहयोग होगा उसे देने का काम किया जायेगा। उन्होंने संस्था द्वारा किये जा रहे कार्यों के लिए उन्हें आशिर्वाद देते हुए उन्हें जीवन में आगे बढने के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि शिक्षा प्रचार समिति द्वारा ग्रामीण आंचल में पिछड़े व जरूरतमंद लोगों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए जो ज्योत जलाई है वह सराहनीय है।